भारी वर्षा को देखते हुए जिलाधिकारी ने आपदा कंट्रोल रूम से की जनपद की स्थिति की समीक्षा

भारी वर्षा को देखते हुए जिलाधिकारी ने आपदा कंट्रोल रूम से की जनपद की स्थिति की समीक्षा

सभी विभागों, रेस्क्यू टीमों और फील्ड अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहकर त्वरित कार्रवाई के दिए निर्देश

मौसम विभाग द्वारा जारी भारी वर्षा के अलर्ट तथा मा० मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में जनपद रुद्रप्रयाग में मानसून अवधि के दौरान संभावित आपदा परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क एवं सक्रिय है। इसी क्रम में गुरुवार को जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा ने जिला आपदा परिचालन केंद्र (कंट्रोल रूम) पहुंचकर जनपद की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की तथा सभी संबंधित विभागों की तैयारियों का जायजा लिया। साथ ही धरातल पर की गई व्यवस्थाओं एवं संसाधनों की उपलब्धता का भी आकलन किया।

जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में बुधवार से लगातार वर्षा हो रही है, जिसके कारण विभिन्न स्थानों से छोटे-बड़े भूस्खलन की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। जिन सड़कों पर मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ था, उन्हें खोलने का कार्य संबंधित विभागों द्वारा निरंतर किया जा रहा है तथा अधिकांश मार्गों पर यातायात सुचारू रूप से संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही वर्षा को देखते हुए जिला आपदा परिचालन केंद्र से संवेदनशील एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है।

उन्होंने बताया कि समीक्षा के दौरान पेयजल, विद्युत, लोक निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्ग, सिंचाई, पुलिस, राजस्व एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों से वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त की गई तथा सभी विभागों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संसाधनों एवं मशीनरी को पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी ने बताया कि जिला आपदा प्रबंधन केंद्र के माध्यम से जनपद की सभी प्रमुख नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। बुधवार शाम तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जनपद की कोई भी नदी खतरे के निशान से ऊपर नहीं बह रही है। वर्तमान जलस्तर के अद्यतन आंकड़ों का भी लगातार विश्लेषण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जनपद में संचालित सभी जलविद्युत परियोजनाओं एवं संबंधित संस्थाओं के साथ सतत समन्वय स्थापित किया गया है तथा आवश्यकतानुसार सूचना का आदान-प्रदान किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी जलविद्युत परियोजना से पानी छोड़ा जाता है तो उसकी सूचना पूर्व में ही सार्वजनिक उद्घोषणा एवं अन्य माध्यमों से स्थानीय लोगों एवं यात्रियों तक पहुंचाई जाती है, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके। उन्होंने आमजन से अपील की कि लगातार हो रही वर्षा के कारण नदियों का जलस्तर कभी भी बढ़ सकता है, इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से नदी, गदेरे एवं बरसाती नालों के समीप जाने से बचें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों, नगर पालिका, नगर पंचायत, जिला पंचायत, राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग एवं अन्य एजेंसियों को अपने-अपने ड्यूटी प्वाइंट पर पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य करने तथा किसी भी आपात सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

श्री केदारनाथ धाम यात्रा के संबंध में जिलाधिकारी ने बताया कि यात्रा वर्तमान में पूरी तरह सुचारू रूप से संचालित हो रही है। मानसून तथा ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने के कारण यात्रियों की संख्या में कुछ कमी अवश्य आई है, लेकिन प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं बनाए रखी गई हैं। यात्रा मार्ग पर सुरक्षा, स्वास्थ्य, यातायात एवं आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाओं पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वर्षा ऋतु के दौरान यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतें। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार वर्षा के कारण भूस्खलन एवं पत्थर गिरने की संभावना बनी रहती है, इसलिए जल्दबाजी में यात्रा न करें। अत्यधिक वर्षा होने की स्थिति में प्रशासन एवं पुलिस द्वारा सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह का पालन करें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन एवं पुलिस द्वारा यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखते हुए यात्रा मार्ग की लगातार निगरानी की जा रही है तथा आवश्यकता पड़ने पर यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोककर आगे की यात्रा संचालित की जाती है।

जिलाधिकारी ने जनपदवासियों एवं यात्रियों से अपील की कि मौसम विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी किए जाने वाले दिशा-निर्देशों का पालन करें, किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें तथा आपात स्थिति में तत्काल जिला आपदा कंट्रोल रूम अथवा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दें। जिला प्रशासन मानसून अवधि के दौरान प्रत्येक स्थिति पर सतत निगरानी बनाए हुए है तथा किसी भी आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभागों को पूर्णतः अलर्ट मोड पर रखा गया है।

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