गांधी-शास्त्री जयंती पर जनपदभर में गूंजा सत्य, अहिंसा और सादगी का संदेश

गांधी-शास्त्री जयंती पर जनपदभर में गूंजा सत्य, अहिंसा और सादगी का संदेश

समस्त सरकारी कार्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों में विविध कार्यक्रम, श्रद्धांजलि के साथ आदर्शों को जीवन में उतारने का लिया संकल्प

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर शुक्रवार को संपूर्ण जनपद उनके विचारों और आदर्शों से सराबोर रहा। जनपद के समस्त सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं में गांधी जी और शास्त्री जी की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर दोनों महापुरुषों के चित्रों पर पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा सत्य, अहिंसा, सादगी, ईमानदारी, सेवा और अनुशासन के उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया गया। विभिन्न स्थानों पर शपथ कार्यक्रमों के साथ स्वच्छता अभियान भी आयोजित किए गए।
इस अवसर पर जिलाधिकारी द्वारा अहिंसा दिवस की शपथ भी दिलाई गई ।

कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर माल्यार्पण किया। इस दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी दोनों महापुरुषों के चित्रों पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम में महात्मा गांधी के प्रिय भजन ‘रामधुन’ का गायन भी किया गया।

जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने कहा कि महात्मा गांधी ने अपने जीवन से यह संदेश दिया कि सत्य और अहिंसा ही सबसे बड़ी शक्ति है। उनका स्वच्छता का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। गांधी जी की सोच को व्यवहार में अपनाकर समाज से असमानता और भेदभाव को समाप्त करने में योगदान दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी ने अपने सरल जीवन, ईमानदारी और दृढ़ संकल्प से देश को नई दिशा दी। उनका दिया ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा आज भी देश के सैनिकों और किसानों को प्रेरित करता है। दोनों महापुरुषों के आदर्शों को केवल स्मरण करने के बजाय उन्हें अपने जीवन में अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस दौरान जिलाधिकारी ने दोनों महापुरुषों के जीवन एवं राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी।

अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी ने कहा कि गांधी जी का दर्शन हमें सिखाता है कि सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना किया जा सकता है। उनका संपूर्ण जीवन सत्य, करुणा, सेवा एवं स्वच्छता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज जब देश आत्मनिर्भर भारत की ओर आगे बढ़ रहा है, ऐसे में लाल बहादुर शास्त्री जी की सादगी, ईमानदारी और परिश्रम से प्रेरणा लेकर कार्य करना समय की आवश्यकता है। दोनों महापुरुषों का जीवन हमें यह विश्वास दिलाता है कि त्याग, सेवा और अनुशासन ही राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं। उन्होंने युवाओं से उनके विचारों एवं आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर देश को सशक्त बनाने में योगदान देने का आह्वान किया। इस दौरान उपस्थित विभिन्न अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

गांधी जयंती एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती के अवसर पर जनपद की विभिन्न तहसीलों, विकासखंडों, सरकारी कार्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों में छात्र-छात्राओं द्वारा विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए तथा दोनों महापुरुषों के जीवन, संघर्ष एवं राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर जनपदभर में स्वच्छता अभियान भी चलाया गया, जिसमें अधिकारियों, कर्मचारियों, छात्र-छात्राओं एवं स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर मुख्य वैयक्तिक अधिकारी चंदन शाह, आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी धीरेन्द्र पुण्डीर, केशव गैरोला, अजयपाल नेगी, खेमचंद कुमाईं सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

जिला सूचना कार्यालय, टिहरी गढ़वाल

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