26वीं अस्थि कलश विसर्जन यात्रा को लेकर हरिद्वार में बैठक
***9 अक्टूबर को सतीघाट कनखल में मंत्रोच्चार के साथ गंगा में प्रवाहित किए जाएंगे अस्थि कलश
हरिद्वार। राजधानी दिल्ली से हरिद्वार के लिए रवाना होने वाली 26वीं अस्थि कलश विसर्जन यात्रा की तैयारियों को लेकर पुण्यदाई सेवा समिति न्यास, हरिद्वार की एक महत्वपूर्ण बैठक श्री उदासीन नया अखाड़ा के कोठारी नितिन दास के पहाड़ी बाजार स्थित कार्यालय पर आयोजित की गई। बैठक में यात्रा एवं अस्थि कलश विसर्जन कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
न्यास के संस्थापक अध्यक्ष रवींद्र गोयल ने बताया कि पितृपक्ष के अवसर पर आयोजित होने वाली यह ऐतिहासिक एवं विशाल अस्थि कलश विसर्जन यात्रा 8 अक्टूबर 2026 को राजधानी दिल्ली से हरिद्वार के लिए रवाना होगी। 9 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजे सतीघाट, कनखल स्थित मां गंगा के तट पर विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ अस्थि कलश विसर्जन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 8 अक्टूबर को गुरुकुल नारसन बॉर्डर पर न्यास की कार्यकारिणी के सदस्य अस्थि कलशों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उन्हें ससम्मान हरिद्वार स्थित निष्काम सेवा ट्रस्ट तक लेकर आएंगे। इसके बाद 9 अक्टूबर को झांकियों एवं श्रद्धालुओं के साथ अस्थि कलशों को श्रद्धापूर्वक सतीघाट कनखल लाया जाएगा। यहां 100 किलो दूध की धारा, मंत्रोच्चार तथा प्रबुद्ध संतों एवं गणमान्यजनों के आशीर्वचन के साथ अस्थि कलश मां गंगा में प्रवाहित किए जाएंगे।
रवींद्र गोयल ने श्रद्धालुओं से पुण्य कार्य में सहभागी बनने और श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए 9 अक्टूबर को सतीघाट कनखल पहुंचने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि श्री देवोत्थान सेवा समिति (पंजी.) के तत्वावधान में प्रतिवर्ष पूरे भारतवर्ष के साथ-साथ विदेशों से भी सनातनी परिवारों के अस्थि कलश हरिद्वार लाकर पुण्यदाई सेवा समिति न्यास के सहयोग से विधि-विधानपूर्वक गंगा में विसर्जित किए जाते हैं। अब तक करीब 1,69,818 अस्थि कलशों का विसर्जन कराया जा चुका है। इस पुनीत कार्य में समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल नरेंद्र एवं यात्रा संयोजक एवं महामंत्री विजय शर्मा का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
बैठक में न्यास के पदाधिकारी एवं सदस्यगण उपस्थित रहे और यात्रा को सफल एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श किया गया।
