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मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से मनप्रीत सिंह ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई कहानी*

*मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से मनप्रीत सिंह ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई कहानी*

*35 हजार की नौकरी छोड़ शुरू किया अपना कारोबार, आज ₹70–80 हजार तक मासिक आय; एक व्यक्ति को दिया रोजगार*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है। सरकार की विभिन्न स्वरोजगारपरक योजनाएं उन युवाओं के लिए सहायक साबित हो रही हैं, जो नौकरी करने के साथ-साथ अपना व्यवसाय स्थापित कर आर्थिक रूप से सशक्त बनना चाहते हैं। जनपद ऊधम सिंह नगर के गदरपुर विकासखंड के ग्राम रतनपुरा निवासी मनप्रीत सिंह की सफलता की कहानी इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों का एक उदाहरण है।

मनप्रीत सिंह पहले एक निजी सर्जिकल कंपनी में कार्यरत थे, जहां उन्हें प्रतिमाह लगभग 35 हजार रुपये का वेतन मिलता था। निजी क्षेत्र में तीन वर्षों तक काम करने के दौरान उन्होंने कार्य का अनुभव प्राप्त किया। इसी अनुभव के आधार पर उनके मन में स्वयं का व्यवसाय शुरू करने और अपनी अलग पहचान बनाने का विचार आया। नौकरी तक सीमित रहने के बजाय उन्होंने उद्यमिता की राह चुनने का निर्णय लिया, ताकि अपनी मेहनत और कौशल के बल पर आर्थिक प्रगति कर सकें।

स्वयं का कारोबार शुरू करने की योजना को साकार करने के लिए मनप्रीत सिंह ने जिला उद्योग केंद्र से संपर्क कर स्वरोजगार संबंधी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन मिलने के बाद उन्होंने वर्ष 2022 में एमएसएमई के अंतर्गत 4 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया। इस ऋण पर उन्हें 66 हजार रुपये की सब्सिडी भी मिली। सरकारी सहायता से उन्हें अपना व्यवसाय स्थापित करने के लिए आर्थिक संबल मिला और अपने सपने को धरातल पर उतारने का अवसर प्राप्त हुआ।

ऋण और उपलब्ध संसाधनों का सदुपयोग करते हुए मनप्रीत सिंह ने अपना कारोबार शुरू किया। शुरुआती प्रयासों, निरंतर मेहनत और अपने अनुभव के आधार पर उन्होंने धीरे-धीरे व्यवसाय को आगे बढ़ाया। आज उनकी मेहनत रंग ला रही है और वह अपने कारोबार से प्रतिमाह लगभग 70 से 80 हजार रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। इस प्रकार उन्होंने अपनी पूर्व नौकरी से मिलने वाली आय की तुलना में बेहतर आर्थिक स्थिति हासिल की है। इसके साथ ही उन्होंने अपने व्यवसाय के माध्यम से एक अन्य व्यक्ति को भी रोजगार उपलब्ध कराया है।

मनप्रीत सिंह की यह यात्रा दर्शाती है कि उचित मार्गदर्शन, वित्तीय सहायता, उद्यमशीलता और निरंतर परिश्रम के समन्वय से युवा अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के साथ दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं। उनका अनुभव क्षेत्र के उन युवाओं के लिए प्रेरणादायक है, जो स्वयं का उद्यम स्थापित करने का सपना देखते हैं, लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण आगे बढ़ने में कठिनाई महसूस करते हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में स्वरोजगार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए संचालित योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को केवल रोजगार तलाशने तक सीमित न रखकर उन्हें रोजगार सृजनकर्ता बनने के लिए भी प्रोत्साहित करना है। मनप्रीत सिंह जैसे उद्यमियों की पहल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने, युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

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