मौसम संबंधी सटीक आंकड़े प्रभावी आपदा प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण-प्रकाश चंद्र
उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) की ओर से प्रदेश में मौसम संबंधी उपकरणों की गुणवत्ता, आंकड़ों की विश्वसनीयता तथा समयबद्ध प्रेषण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून में सतही क्षेत्रीय वेधशालाओं (Surface Field Observatories–SFO) के प्रेक्षकों हेतु दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रदेश के सभी 13 जनपदों में स्थापित 25 सतही क्षेत्रीय वेधशालाओं के प्रेक्षकों को मौसम संबंधी आंकड़ों के सही अवलोकन, अभिलेखीकरण, ऑनलाइन प्रविष्टि एवं नियमित प्रेषण की प्रक्रिया को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया।
इस अवसर पर यूएसडीएमए के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन श्री प्रकाश चंद्र ने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे आपदा संवेदनशील राज्य में मौसम संबंधी सटीक एवं समयबद्ध आंकड़े आपदा पूर्व तैयारी, प्रारंभिक चेतावनी जारी करने तथा राहत एवं बचाव संबंधी निर्णयों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि सतही क्षेत्रीय वेधशालाओं में तैनात प्रेक्षक मौसम संबंधी आंकड़ों के संकलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए प्रत्येक प्रेक्षक का दायित्व है कि वह निर्धारित समय पर शुद्ध आंकड़े दर्ज करे और उन्हें समयबद्ध तरीके से प्रेषित करे। उन्होंने प्रेक्षकों से वेधशालाओं में उपलब्ध उपकरणों एवं सुविधाओं की स्थिति, दैनिक कार्यों में आने वाली कठिनाइयों तथा आंकड़ों को ऑनलाइन अपलोड करने में होने वाली समस्याओं की जानकारी भी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि उपकरणों में खराबी, आंकड़ों के प्रेषण में बाधा अथवा अन्य परिचालन संबंधी समस्याओं की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दी जाए, ताकि उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के निदेशक डॉ. सी.एस. तोमर ने प्रशिक्षण के तकनीकी पक्ष पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मौसम संबंधी प्रेक्षणों की शुद्धता और आंकड़ों की गुणवत्ता मौसम के प्रभावी आकलन का आधार हैं। उन्होंने विशेष रूप से मानसून अवधि में वर्षा के आंकड़ों की महत्ता बताते हुए कहा कि इन आंकड़ों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में वर्षा की स्थिति का आकलन करने, भारी वर्षा की घटनाओं की निगरानी तथा आपदा प्रबंधन से संबंधित निर्णय लेने में सहायता मिलती है। उन्होंने प्रेक्षकों को निर्देशित किया कि वे निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुरूप प्रेक्षण कार्य करें तथा आंकड़ों के संकलन और प्रेषण में पूर्ण सावधानी बरतें।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को वर्षा मापन, अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान की सही रीडिंग लेने, मौसम संबंधी आंकड़ों की प्रविष्टि, ऑनलाइन प्रेषण तथा उपकरणों के रखरखाव से संबंधित तकनीकी जानकारी प्रदान की गई। साथ ही, आंकड़ों के अभिलेखीकरण में होने वाली सामान्य त्रुटियों, उनके निराकरण तथा वेधशालाओं के नियमित एवं सुचारु संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
इस अवसर पर आईएमडी के वैज्ञानिक श्री रोहित थपलियाल, यूएसडीएमए के डॉ. राजेश कुमार विश्वकर्मा तथा प्रशिक्षक श्री विपिन रावत एवं श्री अनुराग उपस्थित रहे।















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