अगस्त्यमुनि में व्यापारियों के साथ जिला प्रशासन की उच्चस्तरीय बैठक, अतिक्रमण कार्रवाई को लेकर संशय दूर

*अगस्त्यमुनि में व्यापारियों के साथ जिला प्रशासन की उच्चस्तरीय बैठक, अतिक्रमण कार्रवाई को लेकर संशय दूर*

*चारधाम यात्रा को ध्यान में रखते हुए एनएच पर की जा रही कार्रवाई सामान्य प्रक्रिया, व्यापारियों ने जताया संतोष*

अगस्त्यमुनि क्षेत्र में स्थानीय व्यापारियों के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग–107 पर अतिक्रमण चिन्हीकरण एवं नोटिस की कार्रवाई को लेकर उत्पन्न हुई असमंजस की स्थिति को दूर करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा एक उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी प्रतीक जैन के निर्देशों पर मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में यह बैठक अगस्त्यमुनि क्रीड़ा भवन में आयोजित की गई, जिसमें स्थानीय व्यापारी, व्यापार संघ के पदाधिकारी तथा नगर पंचायत अगस्त्यमुनि के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य एनएच (राष्ट्रीय राजमार्ग) विभाग द्वारा अगस्त्यमुनि बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण चिन्हीकरण, नोटिस एवं चालान की प्रक्रिया के बाद व्यापारियों में उत्पन्न हुए संशय को दूर करना था। मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनपद में राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण हटाने एवं चिन्हीकरण की कार्रवाई शासन के पूर्व निर्देशों के क्रम में लगातार की जा रही है, जिसका उद्देश्य चारधाम यात्रा, विशेषकर श्री केदारनाथ धाम यात्रा के सुचारू एवं सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करना है।

उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई तिलवाड़ा, अगस्त्यमुनि, सिल्ली, विजयनगर सहित संपूर्ण केदारनाथ यात्रा मार्ग पर समान रूप से की जा रही है। अगस्त्यमुनि बाजार में एनएच टीम द्वारा की गई हालिया कार्रवाई को किसी अन्य घटना से जोड़कर देखने की आवश्यकता नहीं है, यह पूर्णतः एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है और इसका विगत दिनों में हुए किसी भी गतिरोध से कोई संबंध नहीं है।

इस अवसर पर अधिशासी अभियंता, एनएच ओंकार पांडे ने भी व्यापारियों को अवगत कराया कि बाजार क्षेत्र में नाली निर्माण का कार्य प्रस्तावित है, जिस कारण जेसीबी मशीन बाजार में लाई गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार से तत्काल अतिक्रमण तोड़ने की कोई कार्रवाई प्रस्तावित नहीं है और नियमानुसार ही आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने स्वयं वीडियो कॉल के माध्यम से व्यापारियों से संवाद स्थापित किया और उन्हें आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन का उद्देश्य किसी को अनावश्यक रूप से परेशान करना नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशासन स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों एवं जनमानस के हितों के प्रति पूर्णतः संवेदनशील है और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। जिलाधिकारी द्वारा दी गई स्पष्ट जानकारी के बाद व्यापारियों ने संतोष व्यक्त किया।

अगस्त्यमुनि व्यापार संघ के अध्यक्ष त्रिभुवन सिंह नेगी ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एनएच एवं नगर पंचायत द्वारा की जा रही सामान्य प्रक्रिया को लेकर व्यापारियों में जो असमंजस की स्थिति बनी थी, उसे इस बैठक के माध्यम से पूरी तरह दूर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा समय रहते संवाद स्थापित कर स्थिति स्पष्ट करना सराहनीय है तथा अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया में नियमानुसार पर्याप्त समय दिया जाएगा।

नगर पंचायत अध्यक्ष अगस्त्यमुनि राजेन्द्र प्रसाद गोस्वामी ने भी बैठक को सफल बताते हुए कहा कि जिलाधिकारी द्वारा स्वयं संवाद कर सभी को आश्वस्त किया गया तथा किसी भी प्रकार की अफवाह से बचने की अपील की गई। उन्होंने कहा कि प्रशासन और स्थानीय नागरिक मिलकर क्षेत्र के समग्र विकास एवं व्यवस्था सुधार के लिए कार्य कर रहे हैं।

जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस त्वरित एवं संवादात्मक बैठक से यह स्पष्ट संदेश गया कि जिलाधिकारी के नेतृत्व में प्रशासन जनहित के मुद्दों पर संवेदनशील, पारदर्शी एवं संवाद के लिए सदैव तत्पर है।

बैठक में नगर पंचायत अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद गोस्वामी, व्यापार संघ अध्यक्ष अगस्त्यमुनि त्रिभुवन सिंह नेगी, मेला समिति अध्यक्ष हर्षवर्धन बेंजवाल, उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल शुक्ला, अधिशासी अभियंता एनएच ओंकार पांडे सहित बड़ी संख्या में स्थानीय व्यापारी उपस्थित रहे।

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